Natural Farming Yojana 2026: अगर आप किसान हैं और खेती में खाद-दवा पर होने वाला खर्च कम करना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की National Mission on Natural Farming (NMNF) योजना आपके काम की हो सकती है। इस योजना का मकसद किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ना है, ताकि खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम की जा सके।
योजना की खास बात यह है कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले पात्र किसानों के लिए सरकार ने ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है। यह सहायता 2 साल तक मिल सकती है और एक किसान को अधिकतम 1 एकड़ भूमि तक इसका लाभ दिया जाता है।
Natural Farming Yojana 2026 क्या है?
इस योजना का पूरा नाम National Mission on Natural Farming (NMNF) है। केंद्र सरकार ने इसे नवंबर 2024 में मंजूरी दी थी। इसके तहत किसानों को प्राकृतिक तरीके से खेती करने के लिए प्रशिक्षण, जानकारी और जरूरी सहायता दी जाती है।
प्राकृतिक खेती का मतलब आसान भाषा में ऐसी खेती से है जिसमें खेत में उपलब्ध प्राकृतिक चीजों और जैविक तरीकों का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए और रासायनिक खाद व कीटनाशकों पर निर्भरता कम की जाए। इससे किसान की खेती की लागत कम करने और मिट्टी की सेहत बेहतर रखने पर जोर दिया जाता है।
Natural Farming Yojana – एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | National Mission on Natural Farming (NMNF) |
| किसके लिए | प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसान |
| सहायता | ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष |
| कितने समय तक | 2 वर्ष |
| अधिकतम जमीन | 1 एकड़ प्रति किसान |
| अधिकतम प्रोत्साहन | ₹8,000 तक |
| योजना | केंद्र प्रायोजित योजना |
| संबंधित विभाग | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग |
किसान को ₹4,000 कैसे मिलेंगे?
यह बात समझना जरूरी है कि केवल किसान होने के कारण खाते में अपने आप ₹4,000 नहीं आएंगे। यह Output Based Incentive है, यानी प्राकृतिक खेती की तय गतिविधियों को अपनाने वाले और योजना के तहत जुड़े किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है।
एक किसान को अधिकतम एक एकड़ जमीन के लिए साल में ₹4,000 तक सहायता मिल सकती है। यह सहायता दो वर्षों के लिए है। इस तरह योजना के तहत अधिकतम सहायता ₹8,000 तक हो सकती है।
Natural Farming Yojana के लिए कौन पात्र है?
इस योजना में छोटे और सीमांत किसानों सहित किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। किसान अपने क्षेत्र में बनाए गए Natural Farming Cluster के माध्यम से योजना से जुड़ सकते हैं।
- किसान प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए तैयार हो।
- छोटे और सीमांत किसान भी योजना का लाभ ले सकते हैं।
- ₹4,000 की सहायता अधिकतम 1 एकड़ तक दी जाती है।
- सहायता 2 वर्षों तक दिए जाने का प्रावधान है।
- किसान को अपने क्षेत्र में योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया से जुड़ना होगा।
Natural Farming Cluster क्या है?
सरकार प्राकृतिक खेती को अकेले-अलग किसानों तक पहुंचाने के बजाय समूह यानी Cluster बनाकर भी आगे बढ़ा रही है। योजना में लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र और करीब 125 किसानों को लेकर Natural Farming Cluster बनाने की व्यवस्था रखी गई है।
इन Clusters में किसानों को प्राकृतिक खेती सीखने और अपनाने में मदद की जाती है। किसानों की सहायता के लिए Community Resource Persons यानी CRP/Krishi Sakhi भी रखे जाते हैं।
किसानों को सिर्फ ₹4,000 ही नहीं, ये फायदे भी मिलेंगे
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है। किसान को प्राकृतिक खेती सही तरीके से सीखने और खेत में लागू करने में मदद करना भी इसका हिस्सा है।
- प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग
- बीजामृत, जीवामृत जैसे प्राकृतिक इनपुट तैयार करने की जानकारी
- फसल में कीट और रोग से प्राकृतिक तरीके से बचाव की जानकारी
- मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर
- खेती में बाहर से खरीदे जाने वाले रासायनिक इनपुट का खर्च कम करने का प्रयास
- Bio-Input Resource Centre के जरिए प्राकृतिक खेती से जुड़ी सहायता
- Natural Farming Certification की व्यवस्था
Natural Farming Yojana में आवेदन कैसे करें?
NMNF को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से Natural Farming Clusters बनाकर लागू किया जा रहा है। इसलिए इसमें किसी सामान्य योजना की तरह केवल एक फॉर्म भरने से हर किसान को तुरंत ₹4,000 मिलना तय नहीं है।
अगर आप इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने जिले के कृषि विभाग, ब्लॉक कृषि कार्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या अपने क्षेत्र में Natural Farming Mission से जुड़े अधिकारी से जानकारी लें कि आपके क्षेत्र में Natural Farming Cluster बनाया गया है या नहीं।
नीचे योजना का आधिकारिक Natural Farming Portal भी दिया गया है। वहां योजना और Natural Farming से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।
जरूरी दस्तावेज क्या हो सकते हैं?
राज्य और स्थानीय स्तर की प्रक्रिया के अनुसार जरूरी दस्तावेजों में अंतर हो सकता है। किसान को सामान्य तौर पर ये दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाते की जानकारी
- जमीन से संबंधित दस्तावेज
- किसान की पहचान से संबंधित दस्तावेज
- राज्य/कृषि विभाग द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज
नोट: ऊपर दी गई दस्तावेजों की सूची सामान्य जानकारी के लिए है। आवेदन/पंजीकरण के समय अपने राज्य के कृषि विभाग से वर्तमान सूची जरूर जांच लें।
योजना से अब तक कितने किसान जुड़े?
National Mission on Natural Farming को देशभर में तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में योजना के तहत 20 लाख से ज्यादा किसान जुड़े और हजारों Natural Farming Clusters बनाए गए। इससे साफ है कि प्राकृतिक खेती को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाने का काम चल रहा है।
महत्वपूर्ण लिंक्स
| Natural Farming Official Portal | Official Portal |
| National Mission on Natural Farming की जानकारी | जानकारी देखें |
| कृषि एवं किसान कल्याण विभाग | Official Website |
| सभी सरकारी काम | यहां देखें |
निष्कर्ष
Natural Farming Yojana 2026 उन किसानों के लिए उपयोगी है जो धीरे-धीरे रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम करके प्राकृतिक खेती की तरफ जाना चाहते हैं। National Mission on Natural Farming में किसान को ट्रेनिंग और दूसरी सहायता के साथ ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान है। यह लाभ अधिकतम एक एकड़ और दो वर्षों तक दिया जा सकता है।
अगर आप इसका लाभ लेना चाहते हैं तो अपने क्षेत्र के कृषि विभाग या KVK से संपर्क करके पहले यह पता करें कि आपके इलाके में Natural Farming Cluster चल रहा है या नहीं। योजना की ताजा जानकारी ऊपर दिए गए आधिकारिक Portal पर भी देख सकते हैं।
FAQ – Natural Farming Yojana 2026
Natural Farming Yojana में कितने पैसे मिलते हैं?
योजना में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले पात्र किसानों के लिए ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।
क्या हर किसान को ₹4,000 मिलेंगे?
नहीं। केवल किसान होने से ₹4,000 अपने आप नहीं मिलते। किसान को National Mission on Natural Farming के तहत निर्धारित प्रक्रिया से जुड़ना और प्राकृतिक खेती की गतिविधियों को अपनाना होता है।
कितनी जमीन के लिए सहायता मिलती है?
एक किसान को अधिकतम 1 एकड़ भूमि तक प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सकता है।
कितने साल तक ₹4,000 मिलेंगे?
योजना में ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की सहायता 2 वर्षों तक देने का प्रावधान है। इस तरह अधिकतम ₹8,000 तक सहायता हो सकती है।
Natural Farming Yojana के लिए आवेदन कहां करें?
किसान अपने जिला/ब्लॉक कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या Natural Farming Mission से जुड़े स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। योजना की जानकारी Natural Farming के आधिकारिक Portal पर भी उपलब्ध है।
