UP Nishulk Boring Yojana 2026-27: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नि:शुल्क बोरिंग योजना चलाई जा रही है। इस योजना को शुरू करने के पीछे उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य ऐसे किसानों को बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिनके पास थोड़ी या कम जमीन है, और वह अपना खुद का ट्यूबेल या बोरिंग करने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है और उनके पास अपने खेतों में पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था नहीं है। विशेष रूप से छोटे, गरीब और सीमांत किसानों के लिए बहुत उपयोगी मानी जा रही है। क्योंकि खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होना बेहद जरूरी होता है।
ऐसे में UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 के माध्यम से पात्र किसानों को निजी नलकूप, बोरिंग स्थापित करने के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जा रही है। इस आर्टिकल में हम आपको UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 क्या है, इसका लाभ किन-किन किसानों को मिलेगा, कितनी सहायता राशि प्राप्त होगी, पात्रता क्या होगी, दस्तावेज कौन-कौन से लगेंगे, आवेदन किस प्रकार करना होगा पूरी जानकारी विस्तार से बताएंगे इसलिए आर्टिकल को अंत तक अवश्य पढ़ें।
Table of Contents
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27: Overview
| योजना का नाम | UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| शुरू की गई | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा |
| लाभार्थी | राज्य के सामान्य एवं अनुसूचित जाति /जनजाति के लघु एवं सीमांत किसान |
| लाभ | मुफ्त बोरवेल (बोरिंग) के लिए वित्तीय सहायता |
| उद्देश्य | राज्य के किसानों को निशुल्क बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराना |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन/ऑफलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | Click Here |
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 क्या है ?
यूपी नि:शुल्क बोरिंग योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक सिंचाई सपोर्ट स्कीम है। इस योजना के तहत सामान्य जाति एवं अनुसूचित जाति जनजाति के पात्र लघु एवं सीमांत किसानों के लिए उनके खेतों में बोरिंग कराई जाती है या उसके लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत सामान्य श्रेणी के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए बोरिंग पर अनुदान की अधिकतम राशि ₹5,000 और ₹7,000 है तथा अनुसूचित जाति/ जनजाति के लाभार्थियों को बोरिंग पर अधिकतम अनुदान राशि ₹10,000 निर्धारित की गई है।
Also Read This: Bank of Baroda SO Vacancy 2026: Online Apply For 206 Post, Check Last Date, Salary & Eligibility !!
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 का उद्देश्य
- किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना।
- गरीब /लघु और सीमांत किसानों की सहायता करना।
- केवल बारिश पर किसानों की निर्भरता कम करना।
- खेतों में समय पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना।
- कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में किसानों की सहायता करना।
- आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को सच्चाई व्यवस्था विकसित करने में मदद करना।
- फासले खराब होने की जोखिम को कम करना।
Also Read This: Mahindra EmpowerHer Scholarship 2026-27: छात्राओं को मिलेगी ₹5,500 तक की स्कॉलरशिप, जानें पात्रता, 21 सितंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 में कितनी सहायता राशि मिलेगी ?
उपलब्ध जानकारी और विभिन्न स्रोतों के अनुसार उत्तर प्रदेश नि:शुल्क बोरिंग योजना 2026 27 के अंतर्गत किसानों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग सहायता राशि निर्धारित की गई है।
- सामान्य श्रेणी के सीमांत किसान- अपने खेतों में बोरिंग करने के लिए सामान्य श्रेणी के सीमांत किसानों को अधिकतम ₹5,000 तक अनुदान प्राप्त होगा।
- सामान्य श्रेणी के लघु किसान– अपने खेतों में बोरिंग करने के लिए सामान्य श्रेणी के लघु किसानों को अधिकतम ₹7,000 तक अनुदान प्राप्त होगा।
- अनुसूचित जाति (SC)और अनुसूचित जनजाति (ST) के किसान– अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को अपने खेतों में बोरिंग करने के लिए अधिकतम 10,000 तक अनुदान प्राप्त होगा।
पंपसेट क्रय अनुदान
- सामान्य सीमांत किसानों को पंपसेट पर अधिकतम ₹6,000 तक अनुदान प्राप्त होगा।
- सामान्य लघु किसानों को पंपसेट पर अधिकतम ₹4,500 तक अनुदान प्राप्त होगा।
- अनुसूचित जाति ( SC) और अनुसूचित जनजाति ( ST) किसानों को पंप सेट पर अधिकतम ₹9,000 तक अनुदान प्राप्त होगा।
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 के लाभ ( Benefits)
- किसानों को अपने खेतों में बोरिंग करने के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
- इस योजना के लाभ से खेतों में सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी।
- किसान बारिश पर कम निर्भर रहेंगे।
- समय पर फसल की सिंचाई की जा सकती है।
- फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
- इस योजना में छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिलेगा।
- सिंचाई की सुविधा होने से अलग-अलग फसलों की खेती करना आसान हो जाएगा।
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 के लिए पात्रता ( Eligibility Criteria)
- आवेदक को उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
- इस योजना के लिए केवल लघु और सीमांत किसान ही पात्र होंगे।
- सामान्य वर्ग के किसानों के पास न्यूनतम 0.2 हेक्टर ( लगभग 16 बिस्वा) कृषि योग्य भूमि होना जरूरी है। ( यदि 0.2 हेक्टर भूमि से कम) है, तो किसान समूह बनाकर इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- ST/SC वर्ग के किसानों के लिए कोई न्यूनतम भूमि सीमा की बाध्यता नहीं है।
- आवेदक के पास भूमि से संबंधित वैध दस्तावेज होने चाहिए।
- इस योजना में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- आवेदक को संबंधित विभाग की निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 के लिए आवश्यक दस्तावेज (Document Required)
- आधार कार्ड
- उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र
- भूमि के कागजात (खसरा/ खतौनी) की नकल
- जाति प्रमाण पत्र SC/ ST के लाभार्थियों के लिए
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 के लिए आवेदन कैसे करें?
1-ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ( यदि पोर्टल चालू हो तो)
- सबसे पहले उत्तर प्रदेश लघु सिंचाई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- अब योजना या किसान पंजीकरण अनुभाग में जाएं।
- अब UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 के विकल्प को खोजें।
- अब आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी दिशा निर्देश को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
- उपलब्ध होने पर आवेदन फार्म चुने और आवेदन फार्म में मांगेगा सभी जरूरी जानकारी ध्यान पूर्वक भरें।
- अब सभी आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।
- आवेदन फॉर्म अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले अच्छी तरह जांच लें।
- सभी जानकारी सही होने पर आवेदन फार्म को अंतिम रूप से सबमिट करें और आवेदन संख्या/ रसीद को डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रखें।
- विभाग द्वारा सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने वाले किसानों को योजना का लाभ दिया जा सकता है।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया ( सर्वाधिक प्रचलित)
- सबसे पहले अपने विकास खंड (Block) के खंड विकास अधिकारी ( BDO) या सहायक विकास अधिकारी ( कृषि/ लघु सिंचाई) के कार्यालय में जाएं।
- अब वहां से नि:शुल्क बोरिंग योजना 2026 27 का आवेदन पत्र ( Form) प्राप्त करें।
- अब फॉर्म में नाम, पता, भूमि, एवं अन्य आवश्यक आवश्यक जानकारी ध्यान पूर्वक भरें।
- अब मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां आवेदन फार्म के साथ संलग्न करें।
- अब भरे हुए आवेदन फार्म को ब्लॉक कार्यालय या जिला समाज कल्याण अधिकारी/ लघु सिंचाई विभाग में जाकर जमा कर दे।
- विभाग द्वारा आवेदन और दस्तावेजों को सत्यापन किया जाएगा।
- पात्र पाए जाने पर नियम अनुसार इस योजना का लाभ किसानों को दिया जा सकता है।
आवेदन करते समय ध्यान देने योग्य बातें
- केवल सही और वैध जानकारी के साथ आवेदन फार्म भरे।
- आपके भूमि संबंधी दस्तावेज में नाम और एवं अन्य जानकारी सही होने चाहिए।
- फर्जी वेबसाइट या किसी अनाधिकृत व्यक्ति के माध्यम से आवेदन न करें।
- सहायता राशि से संबंधित जानकारी के लिए नवीनतम सरकारी आदेश देखें।
- आवेदन संख्या/ रसीद को सुरक्षित रखें।
- ऑनलाइन आवेदन है या नहीं इसकी पुष्टि संबंधित विभाग से करें।
FAQ-
UP Nishulk Boring Yojana 2026-27 क्या है ?
यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई किसानों को खेतों में सिंचाई सुविधा विकसित करने के लिए बोरिंग करने हेतु सरकारी सहायता उपलब्ध कराने से संबंधित योजना है।
उत्तर प्रदेश नि:शुल्क बोरिंग योजना का लाभ किसे मिलेगा?
उत्तर प्रदेश निशुल्क बोरिंग योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों को प्राप्त होगा।
उत्तर प्रदेश नि:शुल्क बोरिंग योजना के तहत कितनी सब्सिडी राशि प्राप्त होगी?
सामान्य श्रेणी के सीमांत किसानों को ₹5,000 तक सब्सिडी राशि प्राप्त होगी और सामान्य श्रेणी के लघु किसानों को ₹7,000 तक सब्सिडी राशि दी जाएगी, जबकि अनुसूचित जाति ( SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों को ₹10,000 तक सब्सिडी राशि प्रदान की जाएगी।
किन किसानों को होगा नि:शुल्क बोरिंग योजना का सबसे अधिक फायदा?
छोटे सीमांत किसान जिनके पास सीमित कृषि भूमि है, और निजी सिंचाई साधन उपलब्ध नहीं है उनके लिए बोरिंग की सुविधा खेती में काफी हद तक मददगार साबित होगी।









