Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026: 10 गायों की डेयरी खोलने पर ₹11.80 लाख तक सब्सिडी, जानें पात्रता, जमीन और आवेदन प्रक्रिया

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में डेयरी व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे किसानों और पशुपालकों के लिए योगी सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना काफी महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 10 उन्नत नस्ल की गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। 10 गायों की यूनिट की निर्धारित परियोजना लागत ₹23.60 लाख है, जिस पर अधिकतम ₹11.80 लाख तक की सरकारी सब्सिडी मिल सकती है।

इस योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में उच्च उत्पादन क्षमता वाली देशी गायों को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और किसानों तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत विशेष रूप से साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी उन्नत नस्लों की गायों की 10 पशुओं वाली यूनिट स्थापित की जाती है।

Table of Contents

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026 क्या है?

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश सरकार के नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित योजना है। इसका लक्ष्य प्रदेश में उच्च उत्पादन क्षमता वाली गोवंशीय नस्लों का संवर्धन करना और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देना है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में लागू है। योजना में 10 गायों की यूनिट स्थापित करने के लिए ₹23.60 लाख की परियोजना लागत निर्धारित है और इसका 50 प्रतिशत, यानी अधिकतम ₹11.80 लाख तक अनुदान दिया जाता है।

योजना की मुख्य बातें

विवरणजानकारी
योजना का नाममिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना 2026
राज्यउत्तर प्रदेश
संबंधित विभागदुग्ध विकास विभाग, उत्तर प्रदेश
मिशननन्द बाबा दुग्ध मिशन
यूनिट10 गाय
निर्धारित परियोजना लागत₹23.60 लाख
सरकारी अनुदान50% तक
अधिकतम सब्सिडी₹11.80 लाख
गायों की नस्लसाहीवाल, गिर, थारपारकर
योजना का क्षेत्रउत्तर प्रदेश के सभी जनपद
आवेदनऑनलाइन प्रक्रिया
चयनआवश्यकता पड़ने पर ई-लॉटरी

₹23.60 लाख की लागत में सरकार कितनी मदद करेगी?

मिनी नंदिनी योजना में 10 गायों की यूनिट के लिए परियोजना लागत ₹23.60 लाख निर्धारित है। इसमें सरकार की ओर से अधिकतम 50 प्रतिशत यानी ₹11.80 लाख तक अनुदान दिया जाएगा।

योजना के वित्तीय ढांचे के अनुसार लाभार्थी को परियोजना लागत का 15 प्रतिशत हिस्सा स्वयं लगाना होगा, जबकि 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से जुटाई जा सकती है। शेष 50 प्रतिशत राशि सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दी जाएगी।

सरल शब्दों में:

  • लाभार्थी का अंश: 15 प्रतिशत
  • बैंक ऋण: 35 प्रतिशत
  • सरकारी अनुदान: 50 प्रतिशत तक
  • अधिकतम सरकारी सहायता: ₹11.80 लाख

अगर लाभार्थी बैंक ऋण के बजाय अपने संसाधनों से पूरी परियोजना स्थापित करना चाहता है, तो आधिकारिक दिशानिर्देशों में इसके लिए भी प्रावधान है। ऐसी स्थिति में लाभार्थी के खाते में आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने का प्रमाण मांगा जा सकता है।

₹11.80 लाख की सब्सिडी एक साथ नहीं मिलेगी

इस योजना की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान दो चरणों में जारी किया जाता है।

पहले चरण में आधारभूत संरचना तैयार होने के बाद परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गायों की खरीद पूरी होने पर दूसरे चरण में परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।

अनुदान की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में DBT यानी Direct Benefit Transfer के माध्यम से भेजी जाती है।

कौन-कौन सी गाय खरीद सकते हैं?

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana के तहत किसी भी नस्ल की गाय खरीदकर सब्सिडी नहीं ली जा सकती। योजना में निर्धारित उन्नत देशी नस्लों की गायों को शामिल किया गया है।

इसके तहत मुख्य रूप से:

  • साहीवाल
  • गिर
  • थारपारकर

नस्ल की गायों की 10 पशुओं वाली यूनिट स्थापित की जाती है।

आधिकारिक नियमों के अनुसार खरीदी जाने वाली गायों से संबंधित ईयर टैगिंग और बीमा कराना भी आवश्यक है।

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026 की पात्रता

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

1. उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी

आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। पहचान और निवास से संबंधित दस्तावेज आवेदन के समय मांगे जा सकते हैं।

2. पशुपालन का अनुभव

आवेदक के पास गाय पालन या महिष पालन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इस अनुभव का प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाता है।

3. जमीन की आवश्यकता

डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए भूमि की व्यवस्था होना आवश्यक है। उपलब्ध विवरण के अनुसार:

  • यूनिट की आधारभूत संरचना के लिए 0.20 एकड़ भूमि
  • चारा उत्पादन के लिए 0.80 एकड़ भूमि

की आवश्यकता बताई गई है। यह जमीन स्वयं की, पैतृक या निर्धारित शर्तों के तहत पंजीकृत अनुबंध पर ली गई हो सकती है।

आधिकारिक पोर्टल यह भी स्पष्ट करता है कि चारा उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली भूमि जलभराव वाली या ऐसी ऊसर भूमि नहीं होनी चाहिए जो चारा उत्पादन के लिए उपयुक्त न हो।

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026 किन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा?

कुछ श्रेणी के लाभार्थियों को इस योजना के लिए पात्र नहीं माना गया है।

यदि कोई व्यक्ति पहले से निम्न योजनाओं के तहत लाभार्थी है, तो वह मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ नहीं ले सकता:

  • कामधेनु योजना
  • मिनी कामधेनु
  • माइक्रो कामधेनु
  • नन्द बाबा दुग्ध मिशन की नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना
  • मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना

इसलिए आवेदन करने से पहले यह जांचना जरूरी है कि आवेदक पहले से किसी संबंधित डेयरी योजना का लाभार्थी तो नहीं है।

महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में महिला पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

आधिकारिक पोर्टल के अनुसार योजना के तहत 50 प्रतिशत लाभ महिला पशुपालकों/दुग्ध उत्पादकों को दिए जाने का प्रावधान है।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026 के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन के समय दस्तावेजों की सूची संबंधित विज्ञप्ति के अनुसार बदल सकती है, इसलिए आधिकारिक आवेदन नोटिस जरूर देखें। सामान्य तौर पर आवेदक को निम्न दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:

  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी/निवास प्रमाण
  • बैंक पासबुक
  • भूमि संबंधी दस्तावेज
  • जमीन के स्वामित्व अथवा पट्टे से संबंधित दस्तावेज
  • पशुपालन अनुभव का प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक खाता विवरण
  • चारा उत्पादन के लिए उपलब्ध भूमि का प्रमाण
  • अन्य विभाग द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज

ध्यान दें: अंतिम दस्तावेज सूची आवेदन की आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई शर्तों के अनुसार ही मान्य होगी।

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026 में आवेदन कैसे करें?

योजना में आवेदन की प्रक्रिया नन्द बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाती है। आधिकारिक पोर्टल पर योजनाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

ऑनलाइन आवेदन की सामान्य प्रक्रिया

Step 1: सबसे पहले नन्द बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

Step 2: वेबसाइट पर Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana से संबंधित आवेदन लिंक देखें।

Step 3: आवेदन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें।

Step 4: मांगी गई व्यक्तिगत, बैंक, भूमि और पशुपालन संबंधी जानकारी भरें।

Step 5: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

Step 6: आवेदन फॉर्म को सबमिट करें और आवेदन संख्या/रसीद सुरक्षित रखें।

Step 7: विभाग द्वारा आवेदन और पात्रता का सत्यापन किया जाएगा।

Step 8: यदि आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होती है, तो जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से चयन किया जा सकता है।

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026 में आवेदन की तारीख क्या है?

वर्ष 2026 में इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी जून 2026 में सामने आई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार आवेदन 22 जून 2026 से शुरू होकर 21 जुलाई 2026 तक किए गए थे।

वर्तमान में नई आवेदन विंडो खुली है या नहीं, यह जानने के लिए आवेदकों को नन्द बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नवीनतम जिला/वर्षवार विज्ञप्ति देखनी चाहिए। आधिकारिक पोर्टल पर वर्ष 2026-27 के मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लक्ष्य की घोषणा भी उपलब्ध है।

आवेदन अधिक होने पर कैसे होगा चयन?

अगर किसी जिले में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में आवेदन अधिक प्राप्त होते हैं, तो सभी पात्र आवेदकों को सीधे लाभ देना संभव नहीं होगा। ऐसी स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जा सकता है।

इसलिए केवल आवेदन कर देना पर्याप्त नहीं है। आवेदक का पात्र होना, दस्तावेजों का सही होना और चयन प्रक्रिया में चयनित होना भी जरूरी है।

योजना से किसानों को क्या फायदा होगा?

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए किसानों को सरकार की ओर से बड़ी वित्तीय सहायता मिलती है।

इसके प्रमुख फायदे हैं:

  1. ₹11.80 लाख तक सरकारी अनुदान
  2. 10 गायों की व्यवस्थित डेयरी यूनिट स्थापित करने का अवसर
  3. उन्नत देशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा
  4. दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद
  5. ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
  6. महिलाओं को योजना में 50 प्रतिशत लाभ का प्रावधान
  7. बैंक ऋण के माध्यम से परियोजना लागत का हिस्सा जुटाने की सुविधा
  8. अनुदान का भुगतान DBT के माध्यम से बैंक खाते में

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Mini Nandini Yojana और सामान्य डेयरी बिजनेस में अंतर

सामान्य तौर पर किसान को डेयरी खोलने के लिए पूरी परियोजना लागत खुद जुटानी पड़ सकती है। लेकिन मिनी नंदिनी योजना में पात्र लाभार्थी को परियोजना लागत के 50 प्रतिशत तक सरकारी सहायता मिल सकती है।

यानी ₹23.60 लाख की निर्धारित परियोजना लागत वाली 10 गायों की यूनिट पर अधिकतम ₹11.80 लाख तक सरकारी अनुदान का प्रावधान है। हालांकि लाभार्थी को अपनी हिस्सेदारी और योजना की अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।

महत्वपूर्ण बातें

योजना के लिए आवेदन करने से पहले इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  • केवल निर्धारित नस्ल की गायों को योजना में शामिल किया जाता है।
  • 10 गायों की यूनिट स्थापित करनी होती है।
  • परियोजना लागत ₹23.60 लाख निर्धारित है।
  • अधिकतम 50 प्रतिशत यानी ₹11.80 लाख तक अनुदान का प्रावधान है।
  • लाभार्थी को 15 प्रतिशत हिस्सा स्वयं लगाना होता है।
  • 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से जुटाई जा सकती है।
  • अनुदान दो चरणों में दिया जाता है।
  • गायों की ईयर टैगिंग और बीमा आवश्यक है।
  • पात्रता और जमीन संबंधी शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
  • पहले से संबंधित योजनाओं का लाभ लेने वाले लोग पात्र नहीं हैं।
  • आवेदन अधिक होने पर ई-लॉटरी से चयन किया जा सकता है।
  • आवेदन की अंतिम तारीख के लिए हमेशा नवीनतम आधिकारिक विज्ञप्ति देखें।

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निष्कर्ष

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026 उत्तर प्रदेश के उन किसानों और पशुपालकों के लिए उपयोगी योजना है जो व्यवस्थित तरीके से डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। योजना के तहत 10 उन्नत नस्ल की गायों की यूनिट स्थापित करने के लिए ₹23.60 लाख की परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत तक, अधिकतम ₹11.80 लाख का अनुदान दिया जाता है।

हालांकि यह सहायता सीधे सभी आवेदकों को नहीं मिलती। आवेदक को उत्तर प्रदेश का निवासी होने, पशुपालन अनुभव, जमीन, निर्धारित नस्ल की गायों और अन्य विभागीय शर्तों को पूरा करना होगा। आवेदन अधिक होने पर ई-लॉटरी के माध्यम से चयन भी किया जा सकता है।

योजना की नई आवेदन तिथि, जिलेवार लक्ष्य और आवेदन लिंक के लिए नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल को ही अंतिम स्रोत मानें।

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026: FAQ

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026 क्या है?

यह उत्तर प्रदेश सरकार के नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित योजना है, जिसका उद्देश्य उन्नत नस्ल की गायों की 10 पशुओं वाली डेयरी यूनिट स्थापित कर दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय बढ़ाना है।

इस योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?

10 गायों की इकाई की परियोजना लागत ₹23.60 लाख है। इसका 50% यानी अधिकतम ₹11.80 लाख तक अनुदान दिया जाता है।

योजना में लाभार्थी को कितना पैसा लगाना होगा?

लाभार्थी अंश 15% और बैंक ऋण 35% निर्धारित है। यदि लाभार्थी बैंक ऋण के बजाय अपनी धनराशि से इकाई स्थापित करता है, तो निर्धारित शर्तों के अनुसार स्वयं के वित्तीय संसाधनों का उपयोग कर सकता है।

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