Bihar Jamin Survey Online 2026: बिहार में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट करने और भूमि विवादों को कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का कार्य किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत जमीन के मालिकाना हक, खाता, खेसरा, रकबा और अन्य भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है। जिन लोगों की जमीन बिहार में है, उनके लिए सर्वे से जुड़ी जानकारी रखना और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
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अगर आप Bihar Jamin Survey Online के माध्यम से अपनी जमीन का विवरण जमा करना चाहते हैं, सर्वे की स्थिति देखना चाहते हैं या खानापुरी पर्चा से संबंधित जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह काम बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से किया जा सकता है। इस लेख में विशेष भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, प्रपत्र-2, वंशावली और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई है।
Bihar Jamin Survey Online 2026 की मुख्य जानकारी
| विभाग | राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार |
| सर्वेक्षण का नाम | बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त |
| संबंधित निदेशालय | निदेशालय, भू-अभिलेख एवं परिमाप |
| आवेदन / स्वघोषणा | ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध |
| मुख्य प्रपत्र | प्रपत्र-2 और वंशावली प्रपत्र-3(1) |
| आधिकारिक वेबसाइट | dlrs.bihar.gov.in |
| लेख की जानकारी | बिहार जमीन सर्वे ऑनलाइन 2026 |
Bihar Jamin Survey Online 2026 क्या है?
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण राज्य में जमीन के रिकॉर्ड को व्यवस्थित और अद्यतन करने की प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत राजस्व ग्रामों में जमीन का सर्वेक्षण किया जाता है और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड तथा जमीन धारकों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर भूमि विवरण का सत्यापन किया जाता है।
इस प्रक्रिया में जमीन के मालिक या रैयत से अपनी जमीन से संबंधित स्वघोषणा और आवश्यक दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। सर्वेक्षण के दौरान जमीन की सीमाओं, खाता, खेसरा, रकबा और उत्तराधिकार से जुड़े विवरणों की जांच की जाती है।
Bihar Jamin Survey Online 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?
बिहार विशेष सर्वेक्षण से संबंधित ऑनलाइन सेवाएं DLRS की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। जमीन की स्वघोषणा जमा करने के लिए नीचे दिए गए तरीके को अपनाएं:
- सबसे पहले बिहार भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट dlrs.bihar.gov.in खोलें।
- वेबसाइट पर बिहार विशेष सर्वेक्षण से संबंधित ऑनलाइन सेवाओं का विकल्प देखें।
- रैयत द्वारा स्वामित्व या धारित भूमि की स्वघोषणा से संबंधित विकल्प चुनें।
- आवश्यक जानकारी भरने के लिए संबंधित प्रपत्र खोलें।
- अपनी जमीन से संबंधित विवरण सावधानीपूर्वक दर्ज करें।
- मांगे गए दस्तावेज और आवश्यक जानकारी अपलोड करें।
- फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों की जांच कर लें।
- आवेदन जमा होने के बाद उपलब्ध रसीद या आवेदन संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें।
ध्यान दें: ऑनलाइन सेवा का विकल्प और आवेदन की उपलब्धता संबंधित राजस्व ग्राम तथा सर्वेक्षण की वर्तमान स्थिति पर निर्भर कर सकती है। वेबसाइट पर अपने गांव के लिए उपलब्ध सेवा और निर्देश जरूर देखें।
जमीन सर्वे के लिए प्रपत्र-2 क्या है?
प्रपत्र-2 बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण में रैयत द्वारा अपनी स्वामित्व या धारित भूमि की स्वघोषणा करने के लिए निर्धारित फॉर्म है। इसमें जमीन से संबंधित जानकारी दी जाती है, ताकि सर्वेक्षण के दौरान सरकारी रिकॉर्ड के साथ उसका मिलान और सत्यापन किया जा सके।
इस फॉर्म में मांगी गई जानकारी को जमीन के दस्तावेजों के अनुसार भरना चाहिए। खाता, खेसरा, रकबा, जमीन का विवरण और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करते समय विशेष सावधानी रखें।
वंशावली प्रपत्र-3(1) क्यों जरूरी है?
अगर जमीन परिवार के पूर्वजों के नाम पर दर्ज है या उत्तराधिकार के आधार पर कई लोगों का दावा है, तो वंशावली से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके लिए निर्धारित वंशावली प्रपत्र-3(1) का उपयोग किया जाता है। इसमें परिवार और उत्तराधिकारियों से संबंधित विवरण दिया जाता है।
वंशावली में सभी संबंधित उत्तराधिकारियों के नाम और आवश्यक विवरण सही-सही भरें। किसी उत्तराधिकारी का नाम छूटने या गलत जानकारी दर्ज होने पर आगे सत्यापन के समय समस्या हो सकती है।
Bihar Jamin Survey Online 2026 के लिए जरूरी दस्तावेज
जमीन के प्रकार और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार दस्तावेजों की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्नलिखित कागजात तैयार रखें:
- जमीन की जमाबंदी या रजिस्टर-2 से संबंधित विवरण
- लगान रसीद, यदि उपलब्ध हो
- खाता और खेसरा नंबर की जानकारी
- खरीद-बिक्री से संबंधित केवाला या रजिस्ट्री दस्तावेज, यदि लागू हो
- उत्तराधिकार से संबंधित दस्तावेज और वंशावली, जहां जरूरी हो
- पहचान पत्र से संबंधित जानकारी
- न्यायालय का आदेश या अन्य संबंधित दस्तावेज, यदि जमीन के मामले में लागू हो
यह सामान्य जानकारी है। आवेदन करते समय पोर्टल या संबंधित सर्वेक्षण शिविर द्वारा मांगे गए दस्तावेजों की सूची को ही अंतिम मानें।
बिहार जमीन सर्वे की स्थिति ऑनलाइन कैसे देखें?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके गांव में विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम किस स्थिति में है, तो DLRS की वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित ऑनलाइन सेवा का उपयोग कर सकते हैं।
- आधिकारिक वेबसाइट DLRS Bihar पर जाएं।
- बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित ऑनलाइन सेवाओं का सेक्शन खोलें।
- अपने ग्राम या शहर में विशेष सर्वेक्षण की स्थिति देखने वाला विकल्प चुनें।
- पोर्टल पर मांगी गई जिला, अंचल और गांव से संबंधित जानकारी भरें।
- उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार सर्वेक्षण की स्थिति देखें।
खानापुरी पर्चा और खेसरावार मानचित्र कैसे देखें?
विशेष सर्वेक्षण के दौरान तैयार किए गए खानापुरी पर्चा और खेसरावार मानचित्र को भी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित सेवा के माध्यम से देखा जा सकता है। इसमें जमीन के विवरण और सर्वेक्षण से संबंधित जानकारी मिल सकती है।
इसके लिए DLRS की वेबसाइट पर जाएं और खानापुरी पर्चा एवं खेसरावार मानचित्र देखें वाले विकल्प को चुनें। इसके बाद पोर्टल पर मांगी गई जानकारी भरकर उपलब्ध रिकॉर्ड देखें।
खानापुरी पर्चा में गलती होने पर क्या करें?
अगर खानापुरी पर्चा में जमीन के खाता, खेसरा, रकबा, रैयत के नाम या अन्य विवरण में गलती दिखाई देती है, तो उसे नजरअंदाज न करें। विभाग की वेबसाइट पर खानापुरी पर्चा के आधार पर दावा या आपत्ति जमा करने की ऑनलाइन सेवा उपलब्ध है।
आपत्ति दर्ज करने से पहले संबंधित रिकॉर्ड और अपने जमीन के दस्तावेजों का मिलान कर लें। आपत्ति के साथ मांगे गए प्रमाण और दस्तावेज प्रस्तुत करें। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया के अनुसार मामले का निपटारा किया जाता है।
निजी जमीन की मापी के लिए e-Mapi पोर्टल
बिहार में विशेष भूमि सर्वेक्षण और किसी व्यक्ति द्वारा अपनी जमीन की मापी कराने की प्रक्रिया अलग-अलग है। यदि आपको अपनी जमीन की सीमांकन या मापी के लिए अमीन की आवश्यकता है, तो बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का e-Mapi पोर्टल उपलब्ध है।
e-Mapi पोर्टल के माध्यम से जमीन की मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए नीचे दिए गए पोर्टल पर जाएं:
e-Mapi Bihar – जमीन मापी के लिए आवेदन करें
e-Mapi पर आवेदन करने का तरीका
- सबसे पहले emapi.bihar.gov.in वेबसाइट खोलें।
- नए यूजर होने पर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें। पहले से रजिस्टर्ड यूजर मोबाइल नंबर और OTP के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं।
- लॉगिन करने के बाद Apply for Mapi विकल्प चुनें।
- जमीन और जमाबंदी से संबंधित जरूरी दस्तावेजों की PDF तैयार रखें।
- पोर्टल पर मांगी गई जिला, अंचल और जमीन से संबंधित जानकारी भरें।
- जमीन के चौहद्दीदार और अन्य जरूरी विवरण दर्ज करें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके आवेदन जमा करें।
- आवेदन संख्या सुरक्षित रखें और पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखते रहें।
आवेदन स्वीकृत होने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार मापी शुल्क जमा करने और मापी की तारीख चुनने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। शुल्क जमीन के प्रकार और आवेदन की श्रेणी के अनुसार पोर्टल पर दिखाया जाता है।
जमीन सर्वे और जमीन मापी में अंतर
| आधार | विशेष भूमि सर्वेक्षण | e-Mapi |
|---|---|---|
| उद्देश्य | सरकारी भूमि रिकॉर्ड का सर्वेक्षण और अद्यतन | व्यक्तिगत जमीन की मापी और सीमांकन |
| संबंधित पोर्टल | DLRS Bihar | e-Mapi Bihar |
| प्रक्रिया | विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त की प्रक्रिया | अमीन बुक करने के लिए ऑनलाइन आवेदन |
| मुख्य उपयोग | स्वघोषणा, खानापुरी पर्चा, दावा और आपत्ति | जमीन की मापी और सीमांकन |
महत्वपूर्ण बातें
- जमीन से संबंधित जानकारी हमेशा उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड और मूल दस्तावेजों के अनुसार भरें।
- प्रपत्र-2 और वंशावली में गलत या अधूरी जानकारी देने से बचें।
- खानापुरी पर्चा में कोई गलती मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया से दावा या आपत्ति दर्ज करें।
- विशेष भूमि सर्वेक्षण और निजी जमीन की मापी को एक ही प्रक्रिया न समझें।
- आवेदन की अंतिम स्थिति और जरूरी निर्देशों के लिए संबंधित आधिकारिक पोर्टल देखते रहें।
Important Links
| सेवा | लिंक |
| बिहार सरकारी काम | सभी सरकारी काम |
| जमीन सर्वे ऑनलाइन करें | ऑनलाइन करें |
| ऑफिसियल वेबसाइट | यहां क्लिक करें |
| e-Mapi – जमीन मापी | यहां क्लिक करें |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Bihar Jamin Survey Online की आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण से संबंधित ऑनलाइन सेवाओं के लिए आधिकारिक वेबसाइट dlrs.bihar.gov.in है।
2. जमीन सर्वे के लिए कौन-सा फॉर्म भरना होता है?
रैयत द्वारा स्वामित्व या धारित भूमि की स्वघोषणा के लिए प्रपत्र-2 निर्धारित है। वंशावली के लिए प्रपत्र-3(1) का उपयोग किया जाता है।
3. क्या जमीन सर्वे का आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है?
हां, विभाग की वेबसाइट पर विशेष सर्वेक्षण से संबंधित ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं। अपने गांव और सर्वेक्षण की स्थिति के अनुसार उपलब्ध विकल्प से प्रक्रिया पूरी करें।
4. खानापुरी पर्चा ऑनलाइन कैसे देखें?
DLRS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर खानापुरी पर्चा एवं खेसरावार मानचित्र देखने की सेवा चुनें और मांगी गई जानकारी भरें।
5. जमीन की मापी के लिए कहां आवेदन करें?
निजी जमीन की मापी के लिए बिहार सरकार के e-Mapi पोर्टल emapi.bihar.gov.in पर आवेदन किया जा सकता है।
6. खानापुरी पर्चा में गलती होने पर क्या करें?
खानापुरी पर्चा में गलती होने पर DLRS पोर्टल पर उपलब्ध दावा या आपत्ति दर्ज करने की सेवा का उपयोग करें और संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करें।
निष्कर्ष
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण का उद्देश्य राज्य में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित और अद्यतन करना है। जमीन मालिकों को अपनी भूमि से संबंधित सही जानकारी और जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। प्रपत्र-2, वंशावली, खानापुरी पर्चा और सर्वेक्षण की स्थिति जैसी सेवाओं के लिए DLRS की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें। वहीं निजी जमीन की मापी के लिए e-Mapi पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर दिए गए नवीनतम निर्देश जरूर पढ़ें।






