Census India Online 2026-27 हेलो दोस्तों क्या आप जानते हैं कि वर्ष 2026 में होने वाली जनगणना देश की पहली डिजिटल जनगणना है जो करीब 15 वर्षों बाद होने जा रही है यह जनगणना 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है।आपको बता दे यह जनगणना दो चरणों के माध्यम से पूरी की जाएगी पहले चरण में मकान की सूची तैयार की जाएगी और दूसरे चरण में वृहद व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त की जाएगी। इस जनगणना में मकान की बनावट से लेकर मुखिया की जानकारी घर का अनाज आपके रहन-सहन आपके पास कितनी गाड़ियां और उनके क्या-क्या प्रकार है सारी चीज इंक्लूड की गई है।
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Census India Online 2026-27 क्या है ?
जनगणना का सीधा और आसान मतलब होता है कि देश में रहने वाले हर एक नागरिक की गिनती करना और यह बताना कि हमारे देश में कितने परिवार रह रहे हैं और वह किस तरह जीवन यापन कर रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर दादा दादी तक की गिनती की जाती है। यह प्रक्रिया इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि यदि सरकार को पता नहीं होगा कि देश में कितने लोग हैं तो वह कैसे पता लगाएगी कि कहां कितना राशन अनाज भेजना है, कहां स्कूल खोलना है, कहां अस्पताल खोलना है, और कहां कौन सी सुविधाएं मौजूद करवाना है इसके लिए जनगणना होना बहुत जरूरी है।
भारत देश में 01 अप्रैल 2026 से पहली बार डिजिटल जनगणना शुरू होने वाली है जिसे लेकर जोरों से तैयारी चल रही है भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल रूप में होगी और उसकी तैयारी भी उन्नत चरण पर पहुंच चुकी हैं। इस जनगणना में व्यक्तियों की जीवन शैली से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। वर्ष 2026 में जनगणना दो चरणों में की जाएगी पहले चरण में मकान की लिस्ट तैयार की जाएगी दूसरे चरण में व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त की जाएगी।
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Census India Online 2026-27 दो चरणों में होगी जनगणना
वर्ष 2026 में होने वाली जनगणना जो की 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है यह दो चरणों में की पूरी की जाएगी पहले चरण में मकान और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की जाएंगी और दूसरे चरण में उन मकान में रहने वाले व्यक्तियों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारियां दर्ज की जाएगी। लेकिन इस जनगणना की सबसे खास बात यह है कि यह देश की ऐसी पहली जनगणना होने वाली है जो की एन्यूमरेशन यानी कि स्वागणना होगी जिसे लोग खुद ऑनलाइन के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकेंगे जिनका और इसके लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्वागणना में लोग खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे लेकिन कर्मचारी अधिकारी घर जाकर आपकी आईडी से उसकी क्रॉस चेकिंग करेंगे ताकि कोई गलती होने की संभावना काफी हद तक काम की जा सके।
Census India Online 2026-27 स्वतंत्रता के बाद होने वाली 8 वीं जनगणना
वर्ष 2026 में होने वाले जनगणना स्वतंत्रता के बाद 8 वीं जनगणना है पिछली जनगणना वर्ष 2011 में आयोजित की गई थी। इस जनगणना की सबसे खास बात यह है कि यह जनगणना पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। ना ही इसे सूचना अधिकार अधिनियम के तहत शेयर किया जाएगा। ना ही अदालत में किसी सुबूत के तौर पर पेश किया जाएगा। और ना ही किसी संस्था को आपका डाटा साँझा किया जाएगा। यानी कि आपके द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। यह देश की ऐसी 16वीं जनगणना है जो न केवल व्यक्तियों का आंकड़ा तैयार करेगी बल्कि उनके रहन-सहन और मकान की सुख सुविधाओं पर भी नजर डालेगी।
अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा पहले चरण ( हाउसिंग लिस्ट)
जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि पहले चरण की अवधि की अधिसूचना 7 जनवरी 2026 को जारी की गई थी जिसमें अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पहले चरण को पूरा किया जाएगा जबकि दूसरे चरण की अवधि और प्रश्नों की अधिसूचना दूसरे चरण में पूरी की जाएगी. को बता दे की जाति गणना जनगणना के दूसरे चरण में होगी।
19 भाषा में तैयार किया गया है जनगणना मैन्युअल
इस बार जनगणना में की गई नई व्यवस्था के अनुसार स्वागणना यानी कि सेल्फ मेन्यूरेशन के अनुसार लोग अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन के माध्यम से भर सकेंगे इस बार की जनगणना में व्यक्तियों की गणना जाति के हिसाब से की जाएगी, जिसका पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। जिसमें 11 राज्यों को शामिल किया गया है इसमें त्रिपुरा, तमिलनाडु और केरल भी शामिल है. जनगणना के लिए ₹11000 करोड़ का बजट तैयार किया गया है, जिसमें जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति भी हो चुकी है और उनको ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इस जनगणना का 19 भाषा में मैन्युअल तैयार किया गया है जिसमें 16 भाषाओं में एप तैयार किए गए हैं।
Census India Online 2026-27 मैं पूछे जाएंगे यह 33 सवालों के प्रकार
वर्ष 2026 में 1 अप्रैल से शुरू होने वाली जनगणना का पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक पूरा और दूसरा चरण फरवरी 2027 में पूरा किया जाएगा जिसमें घर की छत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से लेकर घर के फर्श तक की सामग्री वहां रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, मुखिया का लिंग, एवं बुनियादी तौर आवश्यकताओं को पूरा करने वाले साधन, एवं खुद के वाहन और यही नहीं बल्कि उपभोग किए जाने वाले अनाज, घर की सुख सुविधाओं का सामान जैसे -की पीने का पानी आने का स्रोत, घर में बिजली कैसे और कहां से आती है, गंदे पानी का निकास, घर में शौचालय है या नहीं, गैस कनेक्शन आदि प्रश्न पूछे जाएंगे।
लिव -इन में रहने वाले जोड़ों को माना जाएगा विवाहित
देश की सेल्फ एनीमेशन पोर्टल पर ( FAQ ) पूछे जाने वाले सवालों में कहा गया हैं कि अगर लिव-इन रिलेशन में रहने वाले दो व्यक्ति खुद को एक दूसरे के लिए अपना मानते हैं और अपने रिश्ते को स्थिर मानते हैं तो उन्हें विवाहित जोड़े की मान्यता दी जाए। जनगणना के लिए स्वगणना चलने वाले नागरिकों के लिए सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल खोल दिया गया है।
Note :-ध्यान रहे जनगणना अधिकारी कभी भी आपके बैंक ओटीपी ( PIN ) या बैंक से जुड़े सवालों की जानकारी नहीं मांगेंगे वह आपसे केवल आपके परिवार और परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी, मकान और मकान की स्थिति से संबंधित जानकारी इकट्ठा करेंगे अगर कोई आपसे ऐसा करता है तो उससे सतर्क रहें और अपनी जानकारी साझा ना करें।
FAQ
Census India Online 2026-27 से शुरू होगी?
देश की पहली जनगणना 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी जिसका पहला चरण मकान से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
जनगणना का दूसरा चरण कब होगा?
जनगणना का दूसरा चरण यानी की जनसंख्या गणना फरवरी 2017 में होगा।
क्या इस बार की जनगणना डिजिटल होगी?
हां इस बार की जनगणना देश की पहली ऐसी जनगणना है जो 100% तक डिजिटल होगी जिसे मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकेंगे।
क्या नागरिक खुद से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे?
सेल्फ एन्यूमरेशन स्वा गणना के अनुसार नागरिक खुद से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
नागरिक खुद से अपनी जानकारी किस पोर्टल के माध्यम से भर सकेंगे?
आधिकारिक पोर्टल Cencus 2026 या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
क्या इस बार जनगणना की जानकारी गोपनीय रहेगी?
इस बार की जानकारी कानून के मुताबिक पूरी तरह से गुप्त रहेगी उसे सार्वजनिक तौर पर शेयर नहीं किया जाएगा और ना ही कोर्ट में किसी सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
क्या सभी नागरिकों को अपनी जानकारी देना जरूरी है?
जी हां सभी नागरिकों को जनगणना के तौर पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी कानूनी तौर पर देना अनिवार्य है।
