Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana 2025: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2006 में शुरू की गई थी। इस योजना का संचालन राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किया जाता है।
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योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के गरीब और बेसहारा परिवारों की बेटियों, विधवाओं तथा कानूनी रूप से परित्यक्त महिलाओं के सामूहिक विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए है जो विवाह का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।
Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana 2025 के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत निम्नलिखित वित्तीय सहायता दी जाती है:
- सामूहिक विवाह समारोह में शामिल प्रत्येक पात्र कन्या / विधवा / परित्यक्त महिला को
₹49,000 की राशि विवाह के दिन खाता-धारक चेक के माध्यम से प्रदान की जाती है। - सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन करने वाली आयोजन समिति को प्रति जोड़ा ₹6,000 दिए जाते हैं।
👉 इस प्रकार, प्रति जोड़ा कुल ₹55,000 की सहायता प्रदान की जाती है।
Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana 2025 पात्रता की शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें पूरी होना आवश्यक है:
- दुल्हन या दूल्हे के माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए।
- योजना का लाभ गरीब या बेसहारा परिवारों की लड़कियों, विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं को दिया जाएगा।
- दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
- लाभार्थी Mountain Tribe श्रेणी से संबंधित हो।
- इस योजना के लिए आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
- दूल्हा-दुल्हन को निर्धारित तिथि पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेना अनिवार्य है।
- योजना का लाभ व्यक्तिगत (Single) विवाह के लिए नहीं दिया जाएगा।
इस योजना के लिए आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana 2025 महत्वपूर्ण नोट्स
- सामूहिक विवाह समारोह तभी आयोजित किया जाएगा जब कम से कम 5 जोड़ों के आवेदन प्राप्त होंगे।
- केवल कानूनी रूप से तलाकशुदा परित्यक्त महिलाएं ही इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगी।
- यदि दुल्हन राज्य के बाहर की है, तब भी वह पात्र हो सकती है,
- लेकिन दुल्हन या दूल्हे में से किसी एक के माता-पिता का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
- दुल्हन का पहले विवाह न हुआ हो, चाहे वह व्यक्तिगत हो या किसी अन्य सामूहिक विवाह के माध्यम से।
Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana 2025 आवेदन प्रक्रिया (ऑफलाइन)
चरण 1
दूल्हा और दुल्हन दोनों को सामूहिक विवाह समारोह की निर्धारित तिथि से कम से कम 15 दिन पहले
संबंधित निकाय (नगर निगम / नगर पालिका / नगर परिषद / जिला पंचायत) में संयुक्त रूप से आवेदन करना होगा।
चरण 2
आवेदन पत्र संबंधित कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है।
आवेदन पत्र को सही तरीके से भरकर सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
चरण 3
भरा हुआ आवेदन पत्र संबंधित निकाय में जमा करना अनिवार्य है, तभी सामूहिक विवाह समारोह में शामिल किया जाएगा।
आवेदन के बाद की प्रक्रिया
- जांच समिति द्वारा सभी आवेदनों की जांच और पात्रता सत्यापन किया जाएगा।
- पात्र और अपात्र सभी आवेदनों का विवरण विवाह पोर्टल में दर्ज किया जाएगा।
- स्थानीय निकाय को सामूहिक विवाह से 7 दिन पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- पात्र जोड़ों को सामूहिक विवाह में शामिल होने की सूचना दी जाएगी।
- योग्य जोड़ों के लिए एंटरप्राइज़ ऑर्डर विवाह पोर्टल से जारी किए जाएंगे।
👉 यदि किसी आवेदक का आवेदन अस्वीकृत होता है, तो वह संबंधित उप-मंडल राजस्व अधिकारी (SDO) के पास अपील कर सकता है।
अपील का निपटारा 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
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आवश्यक दस्तावेज
- माता-पिता के मध्य प्रदेश का मूल निवासी होने का प्रमाण
- समग्र आईडी (यदि उपलब्ध हो)
- दूल्हा-दुल्हन दोनों के आधार कार्ड की फोटोकॉपी
- आयु प्रमाण पत्र (किसी एक का होना आवश्यक):
- स्कूल टी.सी.
- जन्म प्रमाण पत्र
- अंकसूची
- वोटर आईडी
- सरकारी डॉक्टर द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र
- जॉब कार्ड
- दूल्हा-दुल्हन के दो-दो पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो)
- माता-पिता का मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो)
- विधवाओं के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
- परित्यक्त महिलाओं के लिए न्यायालय द्वारा जारी तलाक आदेश
- निर्माण श्रमिक पंजीकरण कार्ड (यदि लागू हो)
- आवश्यकतानुसार अन्य दस्तावेज
सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने के लिए अधिकृत संस्थाएं
- शहरी क्षेत्र: नगर निगम / नगर पालिका / नगर परिषद
- ग्रामीण क्षेत्र: जिला पंचायत
किसी अन्य संस्था द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह इस योजना के अंतर्गत मान्य नहीं होंगे।
सामूहिक विवाह की तिथियां कैसे तय होती हैं?
- सामूहिक विवाह की तिथियां और संख्या जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा निर्धारित की जाती हैं।
- इन तिथियों का व्यापक प्रचार किया जाता है ताकि इच्छुक लोग समय पर आवेदन कर सकें।
- जिले के संयुक्त / उपनिदेशक द्वारा अधिकतम तिथियां विवाह पोर्टल पर दर्ज की जाती हैं।



